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Tuesday, May 21, 2013

ये ब्लॉगिंग है जनाब !


ये ब्लॉगिंग है जनाब !
जैसे हड्डी-शोरबा मिला शोख़ क़बाब
या गज़क लाजवाब
पर यहाँ नहीं है कोई नवाब
एक-दूजे का जोरदार हुकुम बजाइये
और नजराना में वही आह-वाह पाइये
नहीं तो चोर-रास्ते भी हैं , उसी से आइये
पृष्ठ-दर्शकों की संख्या इजाफा करके
उनके अंकों में ग़ुम हो जाइये
मज़ाल है कि कोई आपको टोक दे
या कहीं भी आने-जाने से रोक दे

ये ब्लॉगिंग है जनाब !
जैसे पर लगा हुआ कोई सुरखाब
या मुश्कबू बेहिसाब
यहाँ पर उठा हुआ हरएक हिजाब है
आप भी तूफानी रफ़्तार से
किसी भी विधा में खूब गर्दा उड़ाइए
गर नजरें भींचे तो नाक-कान में घुसाइये
खुद भी अपने साफ़ी से मनमुताबिक़ छानिये
दिल जितना कहे उतना भर ही मानिए
व मिजराब से छेड़कर एक-दूजे का गुण गाइये
और संगी-साथी को भी कोरस में बिठाइये

ये ब्लॉगिंग है जनाब !
जैसे उँगलियों पर नाचता हुआ सैलाब
या करामाती ख़्वाब
यहाँ पर बस चलता है तो वह है आदाब
ख़ामख़ा अपना रौब-दाब न दिखाइये
व खुद को दूज का माहताब भी न बनाइये
नज़ाकत से नाजुकख्याली में घूमिये
नफ़ासत से नाजुककलामी कीजिये
गर मीठे बोल हो तो ही मुँह खोलिए
व तखालुक को भी शालीन लफ़्जों में बोलिए
और जितना हो सके ज़ज्ब-ए-इश्क ही घोलिये

ये ब्लॉगिंग है जनाब !
जैसे न डूबने वाला आफ़ताब
या न मुरझाने वाला गुलाब
या तोहफ़ा नायाब
पर यहाँ नहीं है कोई नबाब
ये ब्लॉगिंग है जनाब !

33 comments:

  1. एक नशा है इस दुनिया में।

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  2. ये ब्लॉगिंग है जनाब !
    जैसे पर लगा हुआ कोई सुरखाब....

    बहुत खूबसूरत नया अंदाज़ ...वाह जनाब ...!!

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  3. इसके नशे से उबार पाना आसां नहीं ... और डूबने का मन करता है ...

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  4. आपकी यह रचना कल बुधवार (22 -05-2013) को ब्लॉग प्रसारण के "विशेष रचना कोना" पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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  5. जैसे उँगलियों पर नाचता हुआ सैलाब...........अच्‍छा दर्शन उकेरा है ब्‍लॉग जगत की व्‍यावहारिकता पर। ब्‍लॉग के यथार्थपरक एवं व्यवहृत भावों से सुसज्ज्ति पंक्तियां।

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  6. अंदाज़ भी अलग हैं ..

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  7. सोचते-समझते तो बहुत से लोग हैं. लेकिन उसको अभिव्यक्ति देने का काम आपने बखूबी किया है. यब ब्लॉगिंग है, जनाब. जहां नहीं कोई नबाब, पढ़कर लगा कि आज पहला लेख पढ़ने को मिलेगा, लेकिन हैरानी की लेख के व्यांग्यात्मक शीर्षक में लिपटी हुई कविता पढ़ने को मिली. बहुत-बहुत शुक्रिया.

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  8. पर यहाँ नहीं है कोई नबाब
    ये ब्लॉगिंग है जनाब !

    Recent post: जनता सबक सिखायेगी...

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  9. .बहुत सुन्दर प्रस्तुति ..मन को छू गयी .आभार . बाबूजी शुभ स्वप्न किसी से कहियो मत ...[..एक लघु कथा ] साथ ही जानिए संपत्ति के अधिकार का इतिहास संपत्ति का अधिकार -3महिलाओं के लिए अनोखी शुरुआत आज ही जुड़ेंWOMAN ABOUT MAN

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  10. ठोंक-परख कर दिया ऐसा विश्लेषण
    खोल के धर दिया सारा'ब्लाग-दर्शन'!

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  11. आज क्या बात है ..... ब्लोगिंग का पूरा ही ऑपरेशन कर के रख दिया ... लेकिन वास्तविकता बयान की है आपने

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  12. चलिए मन के गर्द-ओ-गुबार से निजात पाने हम भी इसके गिरदाब में असीर हो गए.

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  13. क्या बात है जनाब
    नहीं आपका भी जवाब
    मेरे अंगना भी आएं
    थोडा गर्दा मिट्टी ही उड़ाएं
    अपनी हाजिरी तो लगाएं
    चोरी चोरी नहीं
    साक्षात् दर्शन दे जाएँ
    चंदरशेखर को श्रद्दांजलि

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  14. एक तीर के टुकड़े हज़ार हुए कोई इसे लगा कोई उसे लगा ..क्या बात है सोचते तो तमाम लोग यही है पर इस अंदाज में बयां आपने कर दिया ..आत्म चिंतन को प्रेरित करती एक पोस्ट ..मेरे दिमाग में भी ऐसा ही एक आइडिया है पर पोस्ट करते करते रुक जाता हूँ ..हार्दिक बधाई आपको और आपके इस कबीर पंथी अंदाज को

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  15. वाकई ही ब्लॉग्गिंग, ...... बुरा पर असरदार नशा.

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  16. ये ब्लॉगिंग है जनाब !
    जैसे न डूबने वाला आफ़ताब
    या न मुरझाने वाला गुलाब
    या तोहफ़ा नायाब
    पर यहाँ नहीं है कोई नबाब
    ये ब्लॉगिंग है जनाब !

    बहुत खूब....
    "इक दूसरे को सराहिये...
    वाहवाही पाइए..."

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  17. सही कहा ये ब्लोगिंग है जनाब …………एक नशे की लत

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  18. ब्लॉगिंग है लाजवाब और ये कविता भी ...

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  19. आज बहुत दिनों बाद इस दुनिया (ब्लॉगवर्ल्ड) में आया
    और इस रचना से टकराया.....

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  20. हाँ बहुत देर में ये बात
    समझ में आती है
    तब तक बहुत
    ही देर हो जाती है
    ना इधर का रहता है
    ना उधर का
    करता चला जाता है
    अपने आप
    सही फर्माया आपने
    ये ब्लॉगिंग है जनाब !

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  21. ओबामा ही चलेंगे यहाँ मेरे अपने बनके ,

    सहयोग का बल है ब्लागिंग .

    ज्ञान न बघारें ,जो जैसा लिख रहा है लिखने दें ,

    यहाँ हर कोई नशे में है .

    न किसी की वर्तनी सुधारें ,न गजल का काफिया /रदीफ़ ,

    यहाँ एक के साथ एक फ्री नहीं है एक के बदले एक मिलेगा ,

    यूं ही सबका आशीष मिलेगा ...

    बढ़िया प्रस्तुति शब्द प्रयोग बेहद खूब सूरत तीसरा नेत्र खुल गया तन्मय अमृता की रचना पढके .....

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  22. वाह ....आखिरकार ब्लॉगिंग की दुनिया का पोस्टमार्टम हो ही गया .क्या मजाल कि इतनी टिप्पणियों के बाद हम कुछ और कहें ......

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  23. बहुत खूब लिखा है यह ब्‍लागिंग ही है, जिसका ना कोई आदि है और ना ही अन्‍त है, यह एक अंतरिक्ष है, जिसमें रोज एक नई खोज होती है। बहुत बहुत आभार
    हिन्‍दी तकनीकी क्षेत्र की जादूई जानकारियॉ प्राप्‍त करने के लिये एक बार अवश्‍य पधारें और टिप्‍पणी के रूप में मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ साथ पर अनुसरण कर अनुग्रहित करें MY BIG GUIDE

    नई पोस्‍ट अपनी इन्‍टरनेट स्‍पीड को कीजिये 100 गुना गूगल फाइबर से

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  24. लाजवाब प्रस्तुति...बहुत बहुत बधाई...

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  25. :):)
    परत दर परत ब्लोगिंग के खोल दिये राज़
    अब समझ आया कि क्या है ब्लोगिंग जनाब

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  26. बढ़िया प्रस्तुति .आभार आपकी टिप्पणियों के लिए .

    ये ब्लॉगिंग है जनाब !
    जैसे पर लगा हुआ कोई सुरखाब
    या मुश्कबू बेहिसाब
    यहाँ पर उठा हुआ हरएक हिजाब है
    आप भी तूफानी रफ़्तार से
    किसी भी विधा में खूब गर्दा उड़ाइए

    खुद भी अपडेट होइये ,औरों को कर जाइये ,

    आइये पधारिये -

    Virendra Sharma ‏@Veerubhai19475s
    ram ram bhai
    मुखपृष्ठ
    शुक्रवार, 24 मई 2013
    स्वयं की पहचान
    http://veerubhai1947.blogspot.in/

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  27. ब्लॉगिंग एक नशा है जनाब जिसका कोई नही जवाब...

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  28. ये ब्लॉगिंग है जनाब !
    जैसे उँगलियों पर नाचता हुआ सैलाब
    या करामाती ख़्वाब
    ..बहुत सुन्दर लगा अंदाज .... कुछ न कुछ चलते रहना चाहिए ..

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  29. कर लीजिये आप कबूल मेरा सलाम.............रेशा-रेशा बयां कर दिया है.......आपकी नज़र बहुत गहरे तक जाती है भई मान गए....

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  30. वाह क्या नजारा पेश कर दिया...सारे ब्लाग्स की लेखनी को घोंटघाट के यहां लिख दिया...वाह वाह....ये मुंबई है मेरी जां..की तर्ज पर खूबसूरत कविता वाह जी वाह,,,

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