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Tuesday, October 18, 2011

ब्लॉग जगत

आम  लोगों  का   ये     ब्लॉग जगत
हर किसिम  के लोग   यहाँ आते  हैं
हर किसिम का आम खिलाते ही हैं
और  उसका  गुठली   भी  गिनाते हैं

ख़ास   लोगों  का  ये   ब्लॉग जगत
बेहद   ख़ास   लोग  यहाँ    आते   हैं
खुबसूरत   ख़ालिश    ख्यालातों   से
इस  जगत में  कई   चाँद लगाते हैं

वाद -प्रिय लोगों का ये ब्लॉग जगत
अनेकों  वाद    लिए      यहाँ   आते  हैं
कलम की  तअब -ताकत    दिखाकर
सशक्त  उपस्थिति  दर्ज      कराते  हैं

विवाद-प्रिय लोगों का ये ब्लॉग जगत
अनर्गल बातों  से  बक -वाद कराते हैं
वाद - प्रतिवाद  को   हवा  दे  दे    कर
ऐसा वैसा चाहे जैसा टिप्पणी पाते हैं

खिचड़ी-खीर  सा   ये      ब्लॉग जगत
पिज्जा- बर्गर सा   ये     ब्लॉग जगत
पेप्सी - कोला सा   ये     ब्लॉग जगत
या भंग मिले ठंडई सा ब्लॉग जगत .


मुझे भी लत लग गयी है --ठंडई की . 


    

52 comments:

  1. खिचड़ी खीर सा ये ब्लाग जगत
    पिज्जा बर्गर सा ये ब्लाग जगत
    पेप्सी कोला सा ये ब्लाग जगत
    या भंग मिले ठंडई सा ब्लाग जगत

    क्या बात है, बहुत बढिया

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  2. ----@@मुझे भी लत लग गयी है --ठंडई की . .
    बहुत बढ़िया यह ब्लॉगजगत,आभार.

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  3. सच्चाई से रूबरू करवाने का आभार :).

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  4. अजब गज़ब ये ब्लोगजगत्……………सुन्दर प्रस्तुति।

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  5. bahut khub likha hai mam blog jagat ke bare me,,,
    mujhe bhi aadat ho gayi hai iski
    jai hind jai bharat

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  6. सही कहा ..लत तो लग गयी है ..

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  7. बहुत खूबसूरत शब्‍द संयोजन.....अमृता जी

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  8. कई दिनों व्यस्त होने के कारण ब्लॉग पर नहीं आ सका

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  9. खिचड़ी -खीर सा ये ब्लाग जगत
    पिज्जा -बर्गर सा ये ब्लाग जगत
    पेप्सी -कोला सा ये ब्लाग जगत
    या भंग मिले ठंडई सा ब्लाग जगत


    एकदम गजब की और लाजवाब कविता।

    सादर

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  10. sach baat hai hum sab lati ho gae hai......

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  11. खिचड़ी-खीर सा ये ब्लॉग जगत
    पिज्जा- बर्गर सा ये ब्लॉग जगत
    पेप्सी - कोला सा ये ब्लॉग जगत
    या भंग मिले ठंडई सा ब्लॉग जगत .

    वाह यह ब्लॉग जगत ....सच में ब्लॉग जगत .....! आपका जबाब नहीं ...!

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  12. लत तो लग ही गई है.

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  13. ब्लॉग जगत को शब्दों में समेट लिया आपने ... वाह जवाब नहीं इसका ...

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  14. बहुत सुन्दर
    यह ठंडई की लत लगी रहे

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  15. अच्छी लत है...इसे छोड़ियेगा नहीं...

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  16. कभी कभी लत जीवन स्वांर देती है.....बहुत खुबसूरत लत....

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  17. ठंडई बोले तो बनारस के गोदौलिया की -ड्यू रही :)

    बाकी ब्लागजगत पर एक नरम मुलायम सा कटाक्ष किया है आपने :) :)

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  18. कभी- कभी लत जीवन की जरुरत बन जाती है..सच में ब्लांग जगत एक खुबसूरत लत है....

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  19. बधाई हो !! ब्लॉगिंग की ठंडई की लत पड़ गई है. इस की वजह से आपको पिज़्ज़ा-बर्गर खाने को मिलेगा. और यहाँ खीर भी तो है. आनंद ही आनंद.

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  20. बधाई हो, हमको भी लगी है यह आदत।

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  21. बहुत बढ़िया प्रस्तुति ||

    बधाई स्वीकारें ||

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  22. बनारसी को भंग मिली ठंडई पिलायेंगी तो वह लंठई करने लगेगा।
    ..बढ़िया लिखा है आपने। बधाई स्वीकार करें।

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  23. किसम किसम का ये ब्‍लाग जगत।
    सुंदर प्रस्‍तुति.....

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  24. ई कम्प्यूटर ही ठंडाई है ... जिसे लग गई वह ठंडा यानि कोका कोला या फिर आग का गोला :)

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  25. बढ़िया है जी ,ये एक नशा है जिसे लग जाये वो खाना पीना तक भूल जाता है ,पास रखा दूध बिल्ली जूता करने जा रही हो तब भी सोचता है ये लें टाईप कर ही लूं फिर ही भागता हूँ चाहें .................?
    http://ekprayasbetiyanbachaneka.blogspot.com/
    एक प्रयास "बेटियां बचने का "
    इस ब्लॉग पर लड़के लडकियों के अनुपात में आते अंतर को रेखांकित करती कहानिया ,लेख ,समाचार ,या सुझाव ,चित्र आदि आमंत्रित है ब्लॉग में सहयोगी की भूमिका में भी आपका स्वागत है जिसके लिए टिपण्णी में जाकर अपनी प्रतिक्रिया के साथ अपना इ मेल आई दी भी छोड़े इस यज्ञ में आपके सहयोग रूपी आहुतियां अति आवश्यक हैं मलकीत सिंह जीत

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  26. ऐसा ही है यह ब्लॉग जगत। एक बार जो यहाँ आता है, यहीं का हो जाता है।

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  27. कल 20/10/2011 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

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  28. बहुत रोचक और सुन्दर प्रस्तुति..

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  29. वाह ...बहुत खूब

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  30. अमृता जी,मेरे ब्लॉग में आकर हौसला बढाने का शुक्रिया,
    ब्लॉग जगत,में जो लिखा सौ फीसदी सच है,लिखने की
    लत जो पड़ गई है,अच्छी पोस्ट बधाई....

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  31. बहुत व्यस्त था ! बहुत मिस किया ब्लोगिंग को ! बहुत जल्द सक्रिय हो जाऊंगा !

    ब्लोगिंग और ब्लॉगर के हर एक आयाम को बारीकी से प्रस्तुत किया है आपने.. आभार

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  32. ब्लॉग जगत की बात निराली...

    सुन्दर चित्रण.... वाह!
    सादर बधाई...

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  33. आपके सच की बानगी पर दिल कुर्बान.

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  34. हम गुने जा रहे है . वाद विवाद के लिए अच्छा प्लेटफोर्म है ये ब्लॉग जगत .

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  35. वाह ...बहुत खूब लिखा है आपने ।

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  36. अजी वाह अमृता जी........क्या विश्लेषण किया है आपने ब्लॉगजगत का........ये नाचीज़ किस श्रेणी में है :-)

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  37. जगत की तरह ब्लॉगजगत भी विविधताओं से भरा है....!
    अच्छी प्रस्तुति!

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  38. आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
    कृपया पधारें
    चर्चा मंच-673:चर्चाकार-दिलबाग विर्क

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  39. Baat to bilkul sahi hai aapki ki
    मुझे भी लत लग गयी है --
    eak link sajha kar raha hu
    http://fresh-cartoons.blogspot.com/2011/07/blog-post_3172.html?m=1

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  40. बहुत ही अच्छा लगा ये बेबाक टिपण्णी .अपनी अपनी तरिफिओं को भी इसमें जोड़ करआतम संतुष्टि का एक द्वार.लगे रहो मुन्नाभाई.

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  41. ये ब्लॉग जगत इस दुनिया से कोई कम थोड़े न है.. सब होता है यहाँ... सब चलता है यहाँ...

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  42. सुन्दर अभिव्यक्ति ......

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  43. सबको लग गई है इसकी लत .. बहुत खूब प्रस्‍तुति !!

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  44. बढ़िया प्रस्तुति .........
    कुछ ठंडाई का मजा यहाँ भी लें.....
    www.aclickbysumeet.blogspot.com


    आभार

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  45. ना ना अमृता जी ठंडई से तो अब ठंड लग जायेगी.
    सर्दी का मौसम आ रहा है.
    अब तो कुछ गरमागरम हो जाये जी.

    ब्लॉग जगत का पर्दा आपने बखूबी खोल दिया है
    आपकी सुन्दर प्रस्तुति से मन प्रसन्न हो गया है.

    आभार.

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  46. ब्लॉगजगत पर भी कविता :) वाह वाह!!
    बढ़िया है..बहुत बढ़िया :)

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